एक दिन बीरबल की बेटी ने बादशाह से मिलने के लिए बहुत जोर दिया | वह 11 वर्ष की थी | वह भी अपने लिटा के समान बुद्धिमान तथा चतुर थी | बीरबल ने उसे खुश करने के लिए महल में ले गया | महल में जाकर उसने सभी कक्ष तथा शाही उधान देखे | उसके बाद वह शाही दरबार में गई | उस समय बादशाह दरबार में बैठे थे | उन्होंने बीरबल की बेटी को देखा तथ उसका स्वागत किया | उसके बाद वह भोजन करने चली गई | भोजन के बाद बादशाह ने उससे पूछा, “बेटी क्या तुम जानती हो कि किस प्रकार बात करनी चाहिए “
“जी महाराज, न अधिक न ही बहुत काम” और यह जवाब सुनकर बादशाह हेरान हो गए, उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या बताना चाहती है, इसलिय उन्होंने उससे पूछा, “तुम क्या कहना चाहती हो, बेटी |”


