कैसे मरा कपटी बगुला

बहुत पुरानी बात है एक दिन एक बुढा बगुला तालाब के किनारे बेठा रो रहा था | उसे बहुत जोर से भूख लग रही थी उसमे अब ताकत नहीं थी की वो मछलिया पकड़ सके | तभी वहा एक कछुआ आया और बोला, “बगुला चाचा क्या हुआ, रो क्यों रहे हो और आज तुम मछलिया नहीं खा रहे | सब ठीक ठाक है ना |

उसने कहा, “नहीं बेटा | आज मेरा ब्रत है इसलिए में मछलिया नहीं खा रहा हु |

यह सुनकर कछुआ बोला, “चाचा, इस उर्म में ब्रत नहीं रखना चाहिए |”

उसने कहा, “बेटा ! में यही पर बड़ा हुआ और यही पर मर जाउगा | लेकिन कल रात मुझे एक सपना आया | मेरे सपने में पानी देवता ने मुझे दर्शन दिए और कहा, बेटा अब कुछ सालो तक इस तालाब में पानी नहीं बरसे गा | यह सुनकर मुझे बिलकुल नीद नहीं आई और इसलिए में रो रहा हु |”

यह सुनकर कछुआ वहा से चला गया और उसने यह बात सभी तालाब के जानवरों को बता दी | यह बात सुनते ही सब जानवर डर गए और धीरे धीरे तालाब छोड़ कर जाने लगे और कई जानवर चाचा बगुले के पास आये और बोले, “चाचा ऐसे तो तुम सभी मर जाएगे | इस से बचने का कोई उपाय है क्या ?”

बगुले ने कहा, “हा एक उपाय तो है | इसी तालाब से थोड़ी दूर एक और गहरा तालाब है अगर तुम लोग कहो तो में तुम्हे अपने पीठ पर बिठा का उस तालाब में ले चलूगा | इससे तुम सभी लोग बच जाओगे | “

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क्या सजा मिली सोनू को पेड़ – पोधे तोड़ने की

मोना, एक ११ साल की लडकी थी उसने अपने घर के आगन में एक क्यारी बनाई और उसमे तरह – तरह के पेड़ पोधे उगाये | उसकी क्यारी में हर तरह के पेड़ पोधे थे जैसे गुलाब, कमल और भी बहुत सारे | हर रोज मोना उन पोधो को देख कर खुश हुआ करती थी |

मोना के घर के आस – पास के लोग भी उन फूलो को देख कर खुश हुआ करते थे | मोना एक बड़ा भाई भी था जिसका नाम सोनू था | एक दिन की बात है की सोनू के जुलाब के फूलो तो तोड़ डाला यह देख कर मोना बहुत दुखी और रोने लगी |

मोना को रोते देख, माँ ने पूछा, “क्या हुआ बेटा, तुम रो क्यों रही हो?”

क्यारी देख कर माँ पूरी बात समझ गई और अपने बेटे को बुला कर पूछा, “सोनू, क्या तुमने गुलाब तोड़े है?”

यह सुनकर वह डर गया और धीमे से बोला, “हा माँ में ही गुलाब की टहनिय तोड़ी है|”

यह सुन कर माँ बोली, “बेटा, तुमने सच बोला है इसलिए में तुम्हे कुछ नहीं कह रही हु परन्तु यह बात समझ लो की पेड़ – पोधे तोडा पाप होता है | भगवान जी उसे कभी माफ नहीं करते | पेड़ – पोधे हमे, फल, फूल, छाया और कई पोधे से तो दवाईया भी बनती है | और सबसे जरूरी बात – पेड़ पोधे हमारी वायु को साफ करते है हमे हवा देते है और उसी से हम साँस लेते है | अगर हम सभी पेड़ – पोधो को तोड़ या काट डालेगे तो एक दिन हम सभी मर जाएगे | इसलिए कभी पेड़ – पोधो को काटना नहीं चाहिए |

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