एक सुबह अकबर का एक सेवक बीरबल के घर पहुंचा | वह दुखी और प्रेशान था | “क्या बात है…
आज नहीं तो कल होगा परिवर्तन चंहु और फेले होगे पुष्प और मंद – मंद पुष्पों की खुशबु उमड रहे…
मनुष्य की इच्छाएँ कभी खतम नही होती | मानव की इछाये कुछ देर के लिये तो सुख देती पर मन की…
एक शाम अकबर और बीरबल शाही उधान में प्रसन्नतापूर्वक टहल रहे थे | बीरबल ने बादशाह अकबर से टिप्पणी करते…
कहा गये वो सुंदर फूल कहा गई वो मुस्कान कहा उड़ गई सारी धुल क्यों चुप हो गए गाने …
मनुष्य की ज़रुरतो की पूर्ति के लिए धन बहुत ज़रूरी है इसलिए धन की कामना करना भी स्वाभिक है |…
एक दिन एक समस्या को सुलझाने के बाद बादशाह ने बीरबल से कहा, “बीरबल, क्या तुम जानते हो कि एक…
बरगद का एक पुराना पेड़ था | उस पेड़ की जडो के पास दो बिल थे | एक बिल में…
एक जंगल में बटेर पक्षियो का बहुत बड़ा झुंड था | वे निर्भय होकर जंगल में रहते थे | इसी…
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