poems in hindi

कदम जो तेरे रुक गए, चलने की अब बारी हमारी है

कदम जो तेरे रुक गए, चलने की अब बारी हमारी है  | कदम जो तेरे रुक गए, चलने की अब…

14 years ago

नियम की अवहेलना

न सोने का नियम, न उठने का नियम, हे पिक्चर का नियम, नियम की अवहेलना ! नियम की अवहेलना  …

14 years ago

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