प्रक्रति है मेरी प्रेरणा
हम सबको देती यह धारणा ||
धारण करो शिष्टाचार,
बंद करो यह अत्याचार ||
हम सबको एक बात सिखाती
शीशा झुकाए दे दो फल
मत करो लालच उस पर ||
समय पर काम करना सीखो,
वरना तुम रहोगे मुरझाए फूलो जैसे ||
मत बनाओ इस युग को कलयुग,
रावण जैसे आएगे,
विभीषण जैसे संस्कार वाले भी,
शायद मिल जाएगे ||
बना लो प्रक्रति को अपनी प्ररेणा,
हम सबको यही देगी सही मार्गदर्शन ||
गरीब परिस्थितियों में जन्मा एक लड़का अपने संघर्षों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ा। मेहनत और…
बेलागांव, एक शांत और हरियाली से भरा गाँव, जहाँ वक्त जैसे थमकर चलता था। उसी…
उत्तराखंड के चार धामों का यात्रा भारत के एक यात्रा का अनुभव है। धार्मिक महत्व…
आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगो के पास अपना ध्यान रखने तक के…
कई बार जब खर्चा करने का समय आता है तो आपके पास उतना पैसा (Specific…
This website uses cookies.