anmol vachan

मोत के आगे क्यों बेबस है इन्सान

दोस्तों क्यों बेबस है इंसान मोत के आगे की चाह कर भी वह कुछ नहीं कर सकता | में अपनी…

14 years ago

सुख – दूख क्या है

‘नानक दुखिया सब संसार’ है यह उदगार गुरुनानक देव के जिन्होंने संसार को दूख स्वरूप बताया | प्रत्यके व्यक्ति को…

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राजा का त्याग

एक बार काशी नरेश ने कोसल पर आक्रमण करके उस पर अधिकार कर लिया | कोसल के रह ने आत्मसमर्पण…

14 years ago

जीने की चाह

आज जो कहानी में लिखने जा रहा हू वो बिलकुल सत्य है | यह कहानी जायदा पुरानी नहीं है एक…

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दोस्ती की परख

एक जंगले था | गाय, घोडा, गधा और बकरी वहा चरने आते थे | उन चारो में अच्छी दोस्ती हो…

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शिक्षा का उदेश्य

शिक्षा का मुख्य उदेश्य मानव के व्यक्तित्व का बहुमुखी विकास करना है | किंतु मुख्य रूप से तीन प्रकार का…

14 years ago

अहंकार का अंत

पक्षियों की सभा ही रही थी | सभा में तय होना था कि उनका राजा कोन बनेगा | इस मुदे…

14 years ago

प्रार्थना क्या है?

प्रार्थना क्या है? शायद एक ऐसी अवस्था जिसमें हम जो भी आभाव महसुस करते है हम परमात्मा से मांगते है…

14 years ago

मेहनत की कमाई

कशी में एक कर्मकांडीपंडित का आश्रम था, जिसके सामने एक जूते वाला बेठता था | वह जूतों की मरम्मत करते…

14 years ago

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