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कैसे मिला व्यापारी को उसका खोया घोडा

एक व्यापारी घोड़े पर सामान लाद का दूर दूर शहरों में जाकर उसे बचे करता था | एक बार की बात है वह हमेशा की तरह अपने घर से निकला सामान बेचने के लिए | थोड़ी दूर चलने के बाद वह थक गया था और एक पेड़ के निचे आराम करने लगा और अपने घोड़े को भी पेड़ से बांध दिया | आराम करते करते उसकी आंख लग गई और बह सो गया और जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा की उसका धोड़ा वहा नहीं है | वह बहुत परेशान हो गया था वह इधर उधर देखने लगा परन्तु उसे कही न मिला |

वह बहुत परेशान हो गया | थोड़ी देर में उसे थोड़ी दूर एक लड़का दिखा | उसने उस लडके को बुलाया और पूछा, “बेटा क्या तुमने यहाँ किसी को एक घोडा ले जाते देखा है |”

लड़का बोला, “वोही न जो उस पेड़ से बंधा हुआ था | जो सफेद रंग का था |” यह सुनते ही व्यापारी खुश हो गया और बोला, “क्या तुम्हे पता है वह कहा है |”

लड़का बोला, “नहीं मुझे नहीं पता, “

व्यापारी बोला, “क्या तुम्हे नहीं पता, पर तुमने तो उसे देखा है | मुझे बताओ में तुम्हे इनाम दुगा |”

लड़का जोर दे कर बोला, “मैंने आप को कहा न की मैंने उसे नहीं देखा |”

व्यापारी को गुस्सा आ गया और बोला, “मुझे लगता है की तुमने ही मेरा घोडा चुराया है और अब तुम ने उसे छुपा दिया है | “

दोनों में बहस हो गई और फिर व्यापारी बोला, चलो मेरा साथ | अब तुम्हारा फेसला काजी साहब ही करेगे |

दोनों व्यापारी के पास चल पड़े | काजी के पास पहुच कर, व्यापारी ने सारी बात उसे बताई |

काजी ने सारी बात सुनकर उस लकड़े से पूछा, “लडके कहा है इनका घोडा |”

लड़का बोला, “काजी साहब, मेने इनका घोडा देखा ही नहीं तो चुराने की तो बात ही बहुत दूर है | “

अब काजी साहब बहुत अजीब परेशानी में पड़ गए | उन्हें समझ नहीं आ रहा था की जुट कोन बोल रहा है | काजी साहब ने लडके से पूछा, “अच्छा एक बात बताओ, जब तुमने उसे देखा नहीं तो तुम्हे उस घोड़े के बारे में इतना कैसे पता |”

लड़का बोला, “में घर जा रहा था की मुझे तिन पैर ही दिखे तो मेने सोचा की घोडा लंगड़ा होगा और थोड़ी थोड़ी जगह पर नमक गिरा हुआ था | तो मेने सोचा की घोड़े के उपर नमक के बोरे लदे पड़े होगे | “

यह सुनते काजी बहुत खुश हुए और बोले, शानदार | और फेसला सुना दिया की लड़का बिलकुल बेकसूर है |”

अब व्यापारी बोला, अगर इस लडके ने नहीं चुराया तो मेरा घोडा कहा है |

लड़का बोला, आप चिंता मत करो | ववही पास में एक घास का मदन है वही पर घास चरने गया होगा | आप वही चल कर देख लीजिये | “

यह सुनते ही तीनो, चल पड़े और थोड़ी देर में तीनो मैदान में पहुच गए और वहा उस व्यापारी को उसका घोडा दिख गया और उसे पकड़ लिया | काजी और व्यापारी दोनों ने उस लडके को इनाम दिया और वहा से चले गए |

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