किसी सामान्य करेंसी के विपरीत Crypto Currency एक Digital या Virtual Currency है जिसे न तो हम छू सकते है न ही देख सकते हैं । इसका लेन देन सिर्फ Internet के माध्यम से किया जा सकता है । जिस प्रकार दुकानदार को वस्तु की कीमत के रुप में पैसे देते हैं वैसे ही Online वस्तुओं व सेवाओं के बदले Crypto Currency का भुगतान किया जाता है ।
कुछ कंपनियों ने तो अपनी खुद की Crypto Currency भी जारी की है । ये एक प्रकार के Tokens हैं जो उसी कंपनी के Goods And Services खरीदने के लिए प्रयोग किये जाते हैं। ये टोकन्स खरीद कर उनका प्रयोग कर अमुक कंपनी के सामान व सेवाएं खरीद सकते हैं। हम जो सामान्य मुद्रा प्रयोग करते हैं वह रिजर्व बैंक जारी करता है पर Crypto Currency किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा जारी की जाती है।
एक बहीखाते में व्यक्तिगत सिक्का स्वामित्व रिकॉर्ड को संग्रहित किया जाता है। इसका लेन देन भौतिक रूप में मौजूद नहीं होता बल्कि Digital या Virtual रूप में होता है । जिस प्रकार साधारण मुद्रा बनाने पर पूरी तरह सरकार का नियंत्रण रहता है उसी प्रकार Crypto Currency भी Cryptography द्वारा Secure होती है जिसके कारण इसका जाली रूप बनाना या एक ही Currency दो बार खर्च किया जाना असंभव होता है । Crypto Currency पर किसी देश की सरकार या बैंक आदि का नियंत्रण नहीं होता ।
यह अनियमित बाजार का हिस्सा है । यह एक पल में किसी को राजा से रंक और रंक से राजा बनाने की क्षमता रखती है और यही कारण है कि इसकी आलोचना भी बहुत होती है । Crypto Currency एक Digital Asset के रुप में होता है जो कंप्यूटरों की एक बड़ी संख्या के बीच वितरित होती है ।
Crypto Currency जिस Technic का प्रयोग करती है उसे Blockchain कहते हैं जो एक Decentralized Technic है । बहुत से Computers इसे अलग अलग जगहों से नियंत्रित करते हैं। Blockchain Technic जितनी मजबूत होगी Crypto Currency उतनी ही सुरक्षित होगी । जिस प्रकार शेयर बाजार में आने के लिए कोई कंपनी Initial Public Offer (IPO) लेकर आती हैं वैसे ही Crypto Currency लाने वाली कंपनी Initial Coin Offering (ICO) लेकर आती हैं।
Crypto Currency जारी करने वाली कंपनी Crowd Funding के जरिये रकम जुटाना चाहती है तो वह निवेशकों को Share की जगह Token देती है जो वो जैसे चाहे वैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी द्वारा जारी यह टोकन किसी को बेचा भी जा सकता है और अपने पास रखकर Price Value बढ़ने का इन्तजार भी कर सकते हैं। ये टोकन Crypto Currency में प्रयोग करके Bitcoins खरीद सकते हैं। किसी कंपनी द्वारा Fund जुटाने का यह सबसे बेहतर तरीका है। इसमें कंपनियां और सामान्य जन भी निवेश कर सकते हैं।
1983 में, सबसे पहले American Cryptographer David Chaum ने Cryptographic Electronic Currency की कल्पना की थी और DigiCash (1995) के माध्यम से इसे लागू किया था। पर सबसे पहले विकेन्द्रीकृत Crypto Currency से संसार को आवगत कराने वाले व्यक्ति या समूह को Satoshi Nakamoto (छद्म नाम) के नाम से जानते हैं जिन्होंने 2009 में Bit coin नाम की Crypto Currency जारी की थी।
यह नाम जापानी होने के कारण अनुमान लगाया जाता है कि यह जापानी कंपनी या व्यक्तियों का कोई समूह है पर जैसा की पहले ही स्पष्ट है Crypto Currency किसी देश की सरकार के नियंत्रण में नहीं होती इसलिए यह निश्चित तौर पर नही कहा जा सकता कि इसकी शुरुआत किसने की ? शुरुआत में तो इस Bit coin का ही बाजार में दबदबा हुआ करता था पर वर्तमान में इसकी सफलता से प्रभावित होकर हजारों की संख्या में Crypto Currency पायी जाती हैं । यहां हम कुछ Crypto Currency का जिक्र करते हैं।
Crypto Currency की कानूनी स्थिति एक देश से दूसरे देश में भिन्न होती है और लगातार बदलती रहती है । कुछ देशों ने इसे अनुमति दी है तो कुछ देशों ने इस पर अनेक प्रतिबंध भी लगाए हैं। अल्जीरिया, बोलीविया, मिस्र, इराक, मोरक्को, नेपाल, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में Crypto Currency पूर्णतः प्रतिबंधित है । साल 2019 में भारत में भी इसपर रोक लगाये जाने के लिए Draft तैयार किया गया था पर 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने Crypto Currency पर से Ban हटा दिया गया । वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की थी कि लोगों को Crypto Currency पर होने वाले मुनाफे पर 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
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