Posts Tagged ‘anmol vachan in hindi’

कैसे बचाई रामू खरगोश ने अपनी जान

एक बहुत सुन्दर जंगल था वहा पर झरना, नदी और ऊँचे ऊँचे पहाड़ भी थे वहा हर तरह के पशु पक्षी रहते थे जैसे हाथी, चिता, भेड़िया, हिरन भालू, खरगोश, जैसे सभी प्रकार के पशु-पक्षी रहते थे | उस जंगल में कोई शेर नहीं था और इसलिए सभी जानवर एक दुसरे से प्यार करते थे […]

कोआ भुला अपनी चाल

यमुना के किनारे के पेड़ था उस पेड़ पर एक कोआ रहता था | वह खुद को चालक, समझदार, और होशियार रहता था वह बहुत ज्यादा धमंडी था | एक दिन एक हंस बहुत दूर से उड़ता हुआ उस पेड़ पर आ कर बेठ गया | वह वहा रात बिताने के लिए आया था | […]

सोने का लोभ

एक शहर में एक सेठ मायादास रहता था और वो बहुत धनी थे | उनके पास बहुत सारा सोना चांदी भी था परन्तु फिर भी उन्हें बहुत कम लगता था | वो चारो पहल सिर्फ और सिर्फ धन कमाने ले लिए सोचता रहता था | एक दिन उसके पास एक साधु आया | मायादास ने […]

ज़िन्दगी क्यों इम्तिहान लेती है कदम कदम पर

जैसा की में आप सभी के साथ रमेश की ज़िन्दगी के कुछ पल बाँट चूका हु | आज कुछ और रमेश की ज़िन्दगी के पल आप लोगो के साथ बाँट रहा हु | जैसा की मेने कहा था की वो ज़िन्दगी जीने से डर रहा है लड़ रहा है अपने हलातो से, लड़ रहा है […]

अनोखा वरदान

विजय सिंह मान का राजा था | वह अपनी प्रजा से बहुत प्यार करता था और उनका बहुत ध्यान रखता था | एक दिन की बात है वह तूफानी रात में अपने घोड़े पर स्वर होकर एक तंग से रास्ते से जा रहा था | वह भेस बदले हुए था | मामूली कपड़े पहन कर, […]

राजकुमारों की शिक्षा और विश्वामित्र का आगमन

अब चारो राजकुमार बड़े हो गए थे और तभी राजा के आदेश से उन चारो राजकुमारों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आश्रम भेज दिया गया | चारो ही भाई बहुत प्रतिभाशाली और बुदधिमान थे | थोड़े ही समय में उन चारो ने वेद, पुराण, शास्त्र, राजनीति व् शस्त्र संचालन आदि में निपुणता प्राप्त कर […]

अपनी शक्ति को जानो

एक गीदड़ बहुत भूखा था कई दिन से ठीक भोजन न मिलने के कारण वह कमजोर हो गया था | इतनी ताकत भी न थी की स्वंय शिकार करके खा सके | थोड़ी देर में उसने एक शेर को आते देखा | शेर ने एक भेंसे का शिकार किया था | वह खा पीकर अपनी […]

Poet – Poem Quotes

कवि जीवन का ऐसा साथी था, जो आत्मा – गाथा में ह्रदय-ह्रदय की गाथा कहता है | वह चलता स्वंय है, पर पग—पग पर सारे संसार का पथ प्रदशित करता है | शरण कवि यानि मन का मालिक | जिसने न नहीं जीता, वह ईश्वर की बनाई दुनिया का रहस्य नहीं समझ सकता | विनोबा […]

ध्यान मग्न तोता

एक सुबह अकबर का एक सेवक बीरबल के घर पहुंचा | वह दुखी और प्रेशान था | “क्या बात है अली |” बीरबल ने पुछा | “श्रीमान मेरा जीवन खतरे में है | केवल आप ही मुझे खतरे से बाहर निकाल सकते है |” अली ने जवाब दिया | “में अपनी तरह से पूरा प्रयास […]

बोल का मोल

एक आदमी बूढा हो चला था | उसके चार बेटे थे | बेटे यो तो सभी कम जानते थे | किन्तु बोलचाल और आचरण में चारो एक जैसे न थे | पिता ने कई बार उनसे कहा – “यदि तुमने अपनी बोलचाल और आचरण नहीं सुधारा तो जीवन में कभी सफल नहीं हो सकते |” […]

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