ज़िंदगी की कीमत चुकाता बचपन .., झूठन से भूख मिटाता बचपन ...! बेचैनी के बिस्तर पे करवट बदलता .., फूटपाथ पे सपनें सजाता बचपन ...! पत्थर के टुकड़ों मैं खिलोने देखता .., नन्हे से दिल को समझाता बचपन ...! भीख क कटोरे मैं मजूबूरी को भरकर .., ज़रूरत की प्यास बुझाता बचपन ...! कही पिज़्ज़ा, आइसक्रीम से खुश होता बचपन .., तो कही रोटी के लिए तडपता बचपन... > Read More

श्याम दास का एक ही पुत्र था | उसका नाम रवि था | श्याम दास अपने बेटे को बहुत करता था | वह उसे हर अच्छी से अच्छी जीजे ला कर देते | हर वो जीज ला कर देता जो उसे चाहिए होती | उसकी हर मांग पूरी करता था |

सिर्फ वो ही नहीं बल्कि... > Read More

दोनों भाई और ऋषि मिथिला नगर में प्रवेश करने से पहले एक विराना सा आश्रम दिखाई दिया | राम ने ऋषि से पूछा, :मुनिवर यह आश्रम इतना विराना क्यों है?”, विश्वामित्र ने उन्हें बताया की यह आश्रम ऋषि गोतम का आश्रम था और उन्ही के शाप से यह उजड़ गया | उन्होंने राम को उनको पत्नी अहल्या... > Read More

बादशाह अकबर के शाही दरबार की कार्यवाही स्थगित हो गई थी | सभी दरबारी और महाराज जाने ही वाले थे की तभी एक सुरक्षाकर्मी भागता हुआ आया और बोला, “महाराज, दक्षिण भारत से एक विद्वान पंडित अभी अभी पधारे है वह आपसे ओर बीरबल से तुरंत मिलने के उत्सुक है | वह इसी उदेश्य से आगरा आये... > Read More

सर्दियों के दिन थे | सवेरे का समय था | उस दिन राम अकेला ही अपने स्कूल जा रहा था | उसके स्कूल के रास्ते में रेल की पटरी पड़ती थी | उस दिन उसने देखा की एक जगह से रेल की पटरी उखड़ी हुई थी |

बालक तुरंत समझ गया की यह एक बहुत बड़ी... > Read More

जैसा की हम सभी जानते है की पांडव पांच भाई थे | एक दिन पांचो भाई मैदान में गेंद खेल रहे थे | अचानक गेंद उछली और पास के एक कुए में जा गिरी | खेल बंद हो गया |

अभी वे बच्चे ही तो थे इसलिए वो सभी बहुत दुखी हुए | वे सोचने लगे... > Read More

दोनों भाई ऋषि विश्वामित्र के साथ साथ सरयू नदी के किनारे – किनारे उनके आश्रम की और बढने लगे | कुछ मील चलने के बाद ऋषि जी ने उनको बला और अतिबला नामक गुप्त विदयाओ का ज्ञान दिया | नई विदयाओ को पा कर दोनों भाई अति प्रसन थे उस रात तीनो ने नदी ने किनारे ही... > Read More

16 सितंबर, 1927

फेजाबाद जेल

मेरे प्यारे देशवासियों, भारत माता को आजाद करवाने के लिए रंगमंच पर हम सभी भूमिका अदा कर चुके है | गलत किया या सही, हमने जो भी किया, स्वंतत्रता पाने की भावना से प्रेरित होकर किया | हमारे अपने निंदा करे या प्रंशसा, लेकिन हमारे दुश्मनों तक को हमारी हिम्मत और वीरता की प्रंशसा करनी... > Read More
अब चारो राजकुमार बड़े हो गए थे और तभी राजा के आदेश से उन चारो राजकुमारों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आश्रम भेज दिया गया | चारो ही भाई बहुत प्रतिभाशाली और बुदधिमान थे | थोड़े ही समय में उन चारो ने वेद, पुराण, शास्त्र, राजनीति व् शस्त्र संचालन आदि में निपुणता प्राप्त कर ली थी | शिक्षा के... > Read More
अभी समय है, अभी नहीं कुछ भी बिगड़ा है देखो अभीसुयोग तुम्हारे पास खड़ा है करना है जो काम उसी ने अपना चित्त लगा दो अपने पर विश्वास करो, और संदेह भगा दो |   पूर्ण तुम्हारा मनोमिष्ट क्या कभी न होगा? होगा तो बस अभी, नहीं तो कभी न होगा, देख रहे हो श्रेष्ट समय के क्किस सपने को छलते हो यो हाय ! स्वयं ही... > Read More